Friday, November 19, 2010

ram prakash

राम प्रकाश
मेरे मामा का लड़का
GDSMD  के पद पर कार्यरत
hydroceel का ऑपरेशन रएन पाण्डेय से कराया
मुझे दर लगा की डॉ, बदनाम है कही गड़बड़ न हो जाये
लेकिन सब ठीक निकला
कल रस्ते में मिला था ताका कटाने आया था पूरा ताका अभी नहीं कटा है
कल शाम को बखारवा गया था मंजू  के लड़के का मशवरा था रात को ही दिनेश भैया के साथ लोट आया रात के ०९१५ बजे
मेरा पूरा परिवार वही है खुसबू काफी म्हणत के बाद भी नहीं आ पाई

kaho ji

fir se blogging ?
एक कहानी
यह एक सतत पेर्क्रिया है इसी चलते रहना देना चाहिए फिर भी सत्य बोलना कोई हंसी खेल नहीं है कई बार सत्य बोलना जान जोखोम में डालना होता है .