Friday, November 19, 2010

kaho ji

fir se blogging ?
एक कहानी
यह एक सतत पेर्क्रिया है इसी चलते रहना देना चाहिए फिर भी सत्य बोलना कोई हंसी खेल नहीं है कई बार सत्य बोलना जान जोखोम में डालना होता है .

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